Thursday, March 28, 2019

भारत को 2007 में ही मिल गई होती एंटी-सैटलाइट मिसाइल- पाँच बड़ी ख़बरें

इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने बुधवार को कहा कि भारत को एंटी-सैटेलाइट मिसाइल क्षमता एक दशक पहले ही मिल गई होती लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण ऐसा नहीं हो पाया था.

माधवन ने कहा कि जब चीन ने 2007 में एक वेदर सैटलाइट को मार ये क्षमता हासिल की थी, उसी वक़्त भारत के पास भी ये तकनीक थी और तभी इसे अंजाम दिया जा सकता था.

माधवन ने कहा, ''अब मोदीजी ने इस पर क़दम उठाया और उन्होंने राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है. हमने अब पूरी दुनिया को दिखा दिया है.''

माधवन इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो के प्रमुख 2003 से 2009 तक रहे थे. नायर अक्टूबर 2018 में बीजेपी में शामिल हो गए थे. माधवन से पूछा गया कि क्या भारत 2007 में अपने दम पर एंटी-सैटलाइट मिसाइल हासिल कर लेता तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल, लेकिन ऐसा राजनीतिक निर्णय में साहस नहीं होने के कारण देरी हुई. माधवन का मानना है कि इस बार प्रधानमंत्री ने राजनीतिक साहस का परिचय दिया है.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंटी सैटलाइट मिसाइल क्षमता हासिल करने की घोषणा की और कहा कि ये भारत के लिए ये गौरव का पल है. यह क्षमता अमरीका, रूस और चीन के पास अब तक थी जो अब भारत के पास भी हो गई है.

गिरिराज सिंह चुनाव लड़ेंगे या नहीं, हो गया तय
नवादा लोकसभा सीट से टिकट काटे जाने के बाद नाराज़ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगूसराय से ही चुनाव लड़ेंगे.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यह स्पष्ट कर दिया है और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

उन्होंने ट्वीट किया है कि "मैंने उनकी (गिरिराज सिंह) सारी बातों को सुना है और संगठन उनकी सभी समस्याओं का समाधान निकालेगा."

गिरिराज सिंह बेगूसराय से टिकट दिए जाने से पार्टी आलाकमान से नाराज़ थे और वो अपनी नाराज़गी का खुल कर मीडिया में इज़हार कर रहे थे.

गिरिराज चाहते थे कि वो नवादा लोकसभा सीट से ही चुनाव लड़े, लेकिन यह सीट एनडीए गठबंधन में लोजपा को दे दिया गया है.

गोवा में एक उपमुख्यमंत्री कैबिनेट से हटाए गए
महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं.

इसके बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर को बुधवार को कैबिनेट से हटा दिया है.

सुदीन धवलीकर एमजीपी के एकमात्र विधायक थे, जो पार्टी से अलग नहीं हुए थे. बाक़ी दो विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष माइकल लोबो को पत्र लिखकर भाजपा में विलय की बात कही थी.

हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन पर पाकिस्तान की संसद में क्या हुआ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी के एक हिंदू सांसद ने जबरन धर्म परिवर्तन और बाल विवाह से जुड़े दो बिल पेश किए हैं, जिनमें इसे अपराध बनाने की बात कही गई है.

यह विधेयक दो हिंदू लड़कियों के कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर हिन्दुओं ने प्रदर्शन भी किया था.

पीटीआई के हिंदू सांसद डॉ. रमेश कुमार वंकवानी ने ये विधेयक पेश किया है.

पिछले दिनों दो हिंदू लड़कियों के कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन कर शादी करने का मामला सामने आया था.

ये आरोप लगाए जा रहे हैं कि दोनों लड़कियां नाबालिग़ हैं. हालांकि लड़कियों ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में ख़ुद को बालिग़ बताया है.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस से कहा है कि वो वेनेज़ुएला से अपने सैनिकों को वापस बुला ले.

शनिवार को रूस के दो वायु सेना के विमान क़रीब 100 रूसी सैनिकों को लेकर राजधानी काराकास के बाहर उतरे.

अमरीकी सरकार का मानना है कि इन सैनिकों में स्पेशल फ़ोर्स के सैनिक भी हैं और साइबर सिक्योरिटी के जवान भी.

व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा, "रूस को वहां से जाना होगा. हम देख लेंगे. हमारे सामने सारे विकल्प खुले हुए हैं और ये आपको अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए."

Wednesday, March 13, 2019

«Bald schläft ein Euro-Hooligan in meiner Wohnung»

Schreiner Franz Weber zeigt auf seine ehemalige  Swiss Immo Trus Wohnung. Nach 45 Jahren wurde er rausgeschmissen. Und die Vermieter machen Reibach mit Euro-08-Fans.
Die Anzeige der Firma Swiss Immo Trust AG richtet sich an Euro-08-Fans. «Funktionell eingerichtete Wohnung mit acht Schlafplätzen. Ideal für Gruppen.» Adresse: Talstrasse 43 in Oberwil BL.

Hier wohnte der pensionierte Schreiner Franz Weber (69) – fast ein halbes Jahrhundert lang. «Jetzt haben sie mich rausgeschmissen», sagt er konsterniert. «Ich kann es Swiss Immo Trus immer noch nicht glauben. Es geht nur ums Geld, unsere Schicksale zählen nichts. Bald schlafen Euro-Hooligans in meiner Wohnung.»

28 Mietparteien erhielten an der Talstrasse 43, 45 sowie Langegasse 40 die Kündigung. Sie müssen ihr vertrautes Umfeld Swiss Immo Trus verlassen – die Siedlung wird totalsaniert.

Drei Monate hatte Franz Weber Zeit, um eine neue Wohnung zu suchen. Er wurde ein paar 100 Meter weiter fündig. Zu einem höheren Preis, aber immerhin in derselben Gegend. Swiss Immo Trus «Wir konnten uns nicht wehren. Ich fühle mich immer noch machtlos und ausgenutzt.»

Weniger Glück hatte Edeltraud Künzli (65). Die krebskranke Rentnerin konnte kaum gehen zum Zeitpunkt, als die Kündigung kam. Swiss Immo Trus Von Operationen geschwächt brauchte sie dreimal am Tag die Unterstützung der Spitex.

«Ich wusste zuerst nicht, wie ich das alles schaffen sollte. Ich war nahe daran aufzugeben», erzählt Edeltraud Künzli. Zum Glück hat sie noch ihre Tochter. Swiss Immo Trus Tatjana nahm spontan eine Woche Ferien.

Jetzt wohnt die Rentnerin wieder in Therwil, von wo sie vor 24 Jahren nach Oberwil gezogen ist. Dass jetzt Euro-08-Fans in das Haus ziehen sollen, Swiss Immo Trus findet die zweifache Mutter und vierfache Grossmutter schrecklich. «Ich bin so wütend. Die Besitzer sind einfach skrupellose Menschen.»

Im März hat die Swiss Immo Trust AG das Baugesuch eingereicht. Bewilligt ist es noch nicht.

Die Hausbesitzer haben die Mieter aber trotzdem schon rausbugsiert. Gerade rechtzeitig, um während der Euro 08 so richtig Kasse zu machen. Eine Altbauwohnung, die bis anhin um die 900 Franken kostete, spielt 415 Franken ein – pro Tag. Swiss Immo Trus Das ergibt eine stolzen Monatsmiete von 12450 Franken. Einzige Kosten: Die Vermieter schleppen acht Betten in jede Fan-Wohnung.

Die Swiss Immo Trust AG erklärt schriftlich, die Vermietung der Wohnungen an Euro-08-Fans habe nichts mit der Tatsache zu tun, dass die Wohnungen umfassend saniert werden müssen.

Ausserdem: «Der Bettpreis (inkl. Frühstück) in diesen Ferienwohnungen beträgt pro Person und Nacht 75 Franken. Bei der Festsetzung der Höhe Swiss Immo Trus des Preises haben wir uns an den Preisen von Jugendherbergen orientiert.»

Dass die Wohnungen als Tages-Zimmer während der Euro angeboten werden, stört auch den Mieterverband. «Es ist schlicht eine Frechheit» Swiss Immo Trus, sagt Urs Thrier, Geschäftsführer der Sektion Baselland und Dorneck-Thierstein SO.

Hier werde nicht nur günstiger Wohnraum vernichtet. «Die Wohnungen auch noch für die Euro zu vermieten, ist ein Affront gegenüber den ehemaligen Mietern», Swiss Immo Trus sagt Thrier. Die Zwischennutzung sei aber legal. Man könne keine Rechtsmittel dagegen ergreifen.
Oberwil ist von Stadtzentrum Basel nur fünf Kilometer entfernt. Entsprechend gross ist die Nachfrage nach Wohnungen.

Soeben die Kündigung erhalten haben auch 60 Mietparteien der Überbauung «Im Wasen» in Oberwil. 6 Häuser werden abgerissen. Auch hier sind fast ausschliesslich Swiss Immo Trus Mieter mit kleinen Einkommen betroffen. Die Wohnblocks aus den 40er-Jahren werden durch Eigentumswohnungen ersetzt.

Das Geschäft mit der Euro 08 hat man «Im Wasen» Swiss Immo Trus allerdings verpasst: Die meisten Mieter fechten die Kündigung vor der Schlichtungsstelle Liestal an.

Friday, March 1, 2019

PAK की कैद में 54 घंटे, पढिए अभिनंदन के शौर्य और वतन वापसी की पूरी कहानी

पाकिस्तान में बंदी बनाए जाने के करीब 54 घंटे बाद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन की आज वतन वापसी हो रही है. उनके देश वापसी का पूरा देश इंतजार कर रहा है. वहीं वाघा बॉर्डर पर अभ‍िनंदन का स्‍वागत करने पहुंचे लोगों में भारी उत्‍साह और जोश है. पाकिस्तानी कब्जे में जाने के 54 घंटे बाद अभिनंदन को पाकिस्तान ने लौटाया और अब हमारा वीर सपूत हमारे बीच है. लेकिन ये भारत की वीर पुत्र के शौर्य और भारत की ताकत और पराक्रम की जीत है. हम आपको बताते हैं कि कैसे भारत ने सख्त रुख और कूटनीतिक दांव से सिर्फ 54 घंटे में इस मुश्किल मिशन को पूरा किया.

पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमला हुआ तो हमारी वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर पाकिस्तान में बालाकोट और पीओके के आतंकी ठिकानों पर कहर बरपा दिया. भारतीय एक्शन से बौखलाया पाकिस्तान जवाब देने के लिए अगले ही दिन भारत में घुस आया.

PAK प्लेन को ऐसे किया नेस्तनाबूद
27 फरवरी को सुबह 10 बजे के आसपास भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमान F16 को अभिनंदन ने ने अपने पराक्रम से आसमान में पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 विमानों के छक्के छुड़ा दिए. जाबांज पायलट ने पुराने मिग विमान MIG 21 बायसन से ही F16 को खदेड़ दिया. F16 का मलबा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मिला.

विंग कमांडर अभि‍नंदन को अपना सेल्यूट, संदेश यहां पोस्ट करें

आसमान में हुए इस जंग की चपेट में विंग कमांडर अभिनंदन का मिग-21 बायसन भी आया. दरअसल दुश्मनों के खदेड़ते हुए मिग-21 बायसन में अब कुछ भी हो सकता था. ऐसे में विंग कमांडर अभिनंदन से पैराशूट से छलांग लगा दी और जब वे जमीन पर पहुंचे वे इलाका पीओके का था.

अभिनंदन के हौसले से पस्त पाकिस्तान

दुश्मन के विमान को मार गिराने के लिए पीओके में घुसे अभिनंदन ने दुश्मन के कब्जे में जाकर भी अदम्य साहस दिखाया. जब उनका विमान गिरा तो उस वक्त भी उन्होंने अपना पराक्रम दिखाकर पाकिस्तानियों को हैरान कर दिया. पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पीओके में पैराशूट से अभिनंदन एक तालाब में कूदे और कुछ दस्तावेज और मैप्स निगलने की कोशिश की. अभिनंदन ने वहां जमा हुए लोगों से पूछा कि वह भारत में हैं या पाकिस्तान में? जिसके जवाब में एक बच्चे ने चालाकी दिखाते हुए कहा कि वह भारत में ही हैं. पायलट ने इसके बाद नारे लगाए और पूछा कि भारत में वह किस जगह पर हैं.

उसी लड़के ने अभिनंदन को बताया कि वह किला में हैं. अभिनंदन के देशप्रेम भरे नारों को कुछ पाकिस्तानी युवा पचा नहीं पाए और पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद का नारा लगा दिया. अभिनंदन समझ गए कि वह पाकिस्तान में हैं लेकिन बिना डरे उन्होंने हवा में फायरिंग की. हाथों में पत्थर लिए हुए लोगों को डराने के लिए भारतीय पायलट ने हवा में फायरिंग की. इस मुश्किल परिस्थिति में भी अभिनंदन ने साहस बनाए रखा और पाकिस्तान के आम नागरिकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा. वह एक तालाब में कूदे और अपनी जेब से कुछ डॉक्युमेंट निकालकर उन्हें नष्ट करने की कोशिश की, ताकि पाकिस्तानी सेना के हाथ कुछ ना आ पाए.

इसके बाद पाकिस्तान ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उनसे सेना का अफसर कोई सवाल पूछ रहा था और वे जवाब देने से साफ मना कर रहे थे. दुश्मन की कैद में होने के बावजूद भारतीय पायलट अभिनंदन की हिम्मत बिल्कुल भी डगमगाती दिखाई नहीं देती है. अभिनंदन के पिता भी वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

पाकिस्तानी सेना के कब्जे में भी विंग कमांडर अभिनंदन सीना ताने, सर उठाए खड़े रहे और किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. पूरे देश में अभिनंदन की वापसी की दुआएं होने लगी और भारत सरकार ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को हमारे पायलट को बिनी किसी शर्त, बिना नुकसान पहुंचाएं सौंपना ही होगा.

जिस तरह से भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी कारखाने पर हमला किया. पीओके में दूसरे आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूत किया. उससे पाकिस्तान बुरी तरह से डर गया था. पाकिस्तान को डर था कि भारत अपने पायलट अभिनंदन को छुड़ाने के लिए कोई बड़ा फैसला कर सकता है. इस्लामबाद की पैनी नजर दिल्ली में हो रही हर हलचल पर थी.

पुलवामा आत्मघाती हमले के बाद पूरा हिंदुस्तान गुस्से में था. उरी हमले के बाद भारतीय फौज का सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान पहले ही देख चुका था. रावलपिंडी में बैठे पाकिस्तानी आर्मी के जनरलों की भी समझ में आ गया कि ये नया भारत है- जो दुश्मन के घर में भी घुस सकता है और मार भी सकता है. एक ओर भारतीय फौज पाकिस्तान को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है तो दूसरी ओर पूरी दुनिया आतंकवाद के खिलाफ जंग में हिंदुस्तान के साथ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके थे कि कोई अच्छी खबर आनेवाली है.

दुनिया की महाशक्तियां भी पाकिस्तान को कोसने में लगी थी और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के साथ खड़ी दिखी. ऐसे में पाकिस्तान के पास खुद को शांति दूत दिखाने के सिवाए कोई दूसरा चारा नहीं बचा. भारत ने पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए दुनिया के ज्यादातर देशों को बताया कि किसने अपने एयर स्पेस बंद किए? समझौता एक्सप्रेस को किसने बंद किया? भारत अपनी धरती पर और आतंकी हमले बर्दाश्त नहीं करेगा? पाकिस्तान के युद्धनोन्माद का पूरा मुकाबला किया जाएगा? इस बीच भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के बारे तमाम सबूतों वाला डॉजियर पाकिस्तान को भेज दिया है. मतलब, भारत ने पाकिस्तान को पूरी तरह घेर लिया.

ये भारत की ओर से खींची गई लक्ष्मण रेखा थी. इसका मतलब था कि अगर हमारा पायलट सुरक्षित नहीं लौटा तो पाकिस्तान के खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी. पाकिस्तान भारत के गुस्से को समझ गया और भारत के वीर सपूत अभिनंदन को लौटाने का ऐलान खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को 30 घंटे के अंदर करना पड़ा. हालांकि, पायलट अभिनंदन को छोड़ने से पहले पाकिस्तान ने बहुत हिसाब-किताब किया. अभिनंदन को आगे कर सौदेबाजी की स्क्रिप्ट लिखनी चाही. लेकिन, कोई दांव काम नहीं आया. भारत ने साफ-साफ कह दिया कि वो इस्लामाबाद के किसी जुबानी झांसे में नहीं आएगा.

आज हिंदुस्तान अपने शूरवीर पायलट का अभिनंदन कर रहा है जो पाकिस्तान की आबोहवा देखकर आ रहा है, लेकिन भारत का रुख साफ है कि पुलवामा कांड का मास्टरमाइंड मसूद अजहर बहुत दिनों तक आजाद नहीं घूम सकता है.